जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में चलाए गए संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन रीछवाली’ में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी मारा गया। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं।

खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया था। संदिग्ध ठिकाने की घेराबंदी के दौरान आतंकियों की ओर से फायरिंग की गई, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। रातभर चले अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने मूसा को मार गिराया।
रिपोर्ट के मुताबिक मूसा 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय एक आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा था। इस समूह के अन्य सदस्य पहले अलग-अलग सुरक्षा अभियानों में मारे जा चुके थे। मूसा के मारे जाने के साथ इस मॉड्यूल के सभी प्रमुख सदस्यों के खत्म होने की बात कही गई है।

इस ऑपरेशन को सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है। जम्मू क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में आतंकियों की गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षाबलों ने जंगल और पहाड़ी इलाकों में निगरानी तथा तलाशी अभियान तेज किए हैं।

ऑपरेशन के बाद भी आसपास के क्षेत्रों में तलाशी जारी रखी गई, ताकि आतंकियों के किसी सहयोगी नेटवर्क या छिपाए गए हथियारों का पता लगाया जा सके। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि मूसा को स्थानीय स्तर पर किस तरह की मदद मिल रही थी और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।




