एक भावपूर्ण शाम, शास्त्रीय संगीत की मधुर धुनें और भारतीय संगीत परंपरा को समर्पित प्रस्तुतियां—अनहद नाद फाउंडेशन द्वारा आयोजित विशेष संगीत कार्यक्रम ने संगीत प्रेमियों को यादगार अनुभव दिया। कार्यक्रम महान बांसुरी वादक पंडित हरिशंकर की स्मृति और संगीत विरासत को समर्पित रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत गोपाल झा की बांसुरी प्रस्तुति से हुई। उनकी धुनों ने शुरुआत से ही कार्यक्रम का वातावरण संगीतमय बना दिया। इसके बाद अंजनेय कुमार और तेजस पंडित की प्रस्तुतियों ने शास्त्रीय संगीत के अलग-अलग रंग दर्शकों के सामने रखे।
कार्यक्रम में युवा कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। उमा शंकर की बांसुरी प्रस्तुति ने विशेष रूप से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। मंच पर तबला और अन्य वाद्ययंत्रों की संगत ने प्रस्तुतियों को और प्रभावशाली बनाया।

शाम का एक अन्य आकर्षण शैलेश कुमार की हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन प्रस्तुति रही। उनकी प्रस्तुति में राग, भाव और पारंपरिक संगीत शैली का सुंदर मेल देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान पंडित हरिशंकर के भारतीय शास्त्रीय संगीत में योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी संगीत यात्रा और कला के प्रति समर्पण नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा है।

आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और गुरु-शिष्य परंपरा को सम्मान देना भी था।
