आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान ने दावा किया है कि वह फिलहाल देश में मौजूद नहीं है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर जिम्मेदारी डालते हुए पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि मसूद अजहर के अफगानिस्तान में होने की संभावना है और काबुल को उसकी तलाश करनी चाहिए।

भारत लंबे समय से मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बनाता रहा है। अजहर का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। ऐसे में पाकिस्तान का नया बयान भारत के लिए भी अहम माना जा रहा है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि अगर मसूद अजहर के पाकिस्तान में होने की ठोस जानकारी मिलती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पाकिस्तान के इस दावे पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि पहले भी आतंकियों की मौजूदगी को लेकर उसके बयानों और बाद में सामने आए तथ्यों में अंतर देखने को मिला है।
मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकी घोषित किया हुआ है। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का मुद्दा उठाता रहा है।
अब पाकिस्तान की ओर से अजहर की लोकेशन को अफगानिस्तान से जोड़ने के बाद इस मामले में एक नया कूटनीतिक मोड़ आ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि तालिबान सरकार इस दावे पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या पाकिस्तान मसूद अजहर के खिलाफ किसी ठोस कार्रवाई का प्रमाण पेश करता है।



