वायु और जल प्रदूषण के स्वास्थ्य पर असर पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी, प्रतिभागियों ने लिया स्वस्थ जीवन का संकल्प
द्वारका, 29 अगस्त। ग्रीन सर्कल द्वारका चैप्टर की ओर से 29 अगस्त को मैक्स अस्पताल में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वायु और जल प्रदूषण से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। लगभग 37 प्रतिभागियों ने इस हेल्थ टॉक में हिस्सा लिया और विशेषज्ञों से प्रदूषण तथा उससे बचाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की शुरुआत रोमिला गांधी के स्वागत संबोधन के साथ हुई। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य और स्वास्थ्य जागरूकता की आवश्यकता पर बात की। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ और प्रदूषण-मुक्त जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए एक शपथ भी ली।

कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं ने प्रदूषण को केवल पर्यावरण से जुड़ी समस्या न मानकर मानव स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा विषय बताया। वायु प्रदूषण का प्रभाव दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है, वहीं दूषित जल भी कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में लोगों को प्रदूषण के कारणों, संभावित प्रभावों और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना महत्वपूर्ण है।
डॉ. ए.के. सेहगल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने प्रदूषण और स्वास्थ्य के बीच संबंध को समझने तथा जीवनशैली में जागरूकता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ग्रीन सर्कल की डॉ. शुभांगी राय गोयल ने प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों और उनसे उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने रोकथाम के महत्व को भी रेखांकित किया।

डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा ने वायु और जल प्रदूषण के कारणों, उनके प्रभावों तथा रोकथाम के उपायों पर अपनी बात रखी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदूषण से निपटने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी भी आवश्यक है।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र रहा। इस दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से प्रदूषण, स्वास्थ्य और उससे जुड़े बचाव के उपायों को लेकर अपने सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक जानकारी साझा की।
ग्रीन सर्कल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच गहरे संबंध को सामने रखा। वर्तमान समय में प्रदूषण को लेकर जागरूकता बढ़ाना और लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर सावधानियों के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश सामने आया कि स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ समाज की बुनियाद है। लोगों में जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास के माध्यम से ही प्रदूषण की चुनौती का सामना किया जा सकता है। मैक्स अस्पताल में आयोजित हेल्थ टॉक ने इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।


