‘एक पेड़ मां के नाम’ से सजा द्वारका, खेल दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
द्वारका, 30 अगस्त। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती को याद करते हुए द्वारका के सेक्टर-18 में पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत आयोजित इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ हरित और स्वस्थ भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देना रहा।

राष्ट्रीय खेल दिवस भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। देश के खेल इतिहास में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। इसी अवसर को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम ने खेल, स्वास्थ्य और प्रकृति के बीच के संबंध को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम में योगाचार्य एवं संस्थान के संरक्षक डॉ. अमित कुमार सहित अन्य लोगों ने पौधे लगाए। इस दौरान प्रतिभागियों ने पौधों की देखभाल और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना व्यक्त की। कार्यक्रम में लगाए गए पौधे केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का माध्यम नहीं थे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखे गए।
इस अवसर पर डॉ. अमित कुमार ने कहा कि पेड़ लगाना केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं है। यह स्वच्छ हवा, हरित वातावरण और स्वस्थ भविष्य के निर्माण में निवेश है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच हरित क्षेत्र बढ़ाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम का “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़ना भी इसे भावनात्मक और सामाजिक रूप से विशेष बनाता है। मां के नाम पर पौधा लगाने की पहल लोगों को प्रकृति के साथ व्यक्तिगत संबंध स्थापित करने का संदेश देती है। एक पौधे को लगाकर उसकी नियमित देखभाल करना पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन के आयोजन के बजाय निरंतर जिम्मेदारी में बदल सकता है।
आयोजकों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक भागीदारी की भावना को भी मजबूत करती हैं। विशेष रूप से युवाओं को ऐसी पहलों से जोड़ना महत्वपूर्ण है, क्योंकि आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर होगी।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि खेल और स्वास्थ्य की भावना केवल मैदान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ हवा, हरित वातावरण और संतुलित प्रकृति भी उतनी ही आवश्यक है। राष्ट्रीय खेल दिवस पर पौधरोपण के माध्यम से द्वारका में इसी विचार को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।


