सीएम योगी आदित्यनाथ ने अजय राय को घेरा

- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पद से इस्तीफे का दिया चैलेंज

अयोध्या में उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के स्वागत में आयोजित किए गए मछली भोज पर सियासत गरमा गई है. एक तरफ जहां बीजेपी इस मामले को लेकर हमलावार है और सावन में सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगा रही है. दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में एक जनसभा में कांग्रेस पार्टी और उसके प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर तीखा हमला बोला. मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन करने के बाद कथित तौर पर मछली भोज का आयोजन करने के लिए कांग्रेस नेता के आचरण पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि एक तरफ राम-राम चिल्लाने और बजरंग बली के दरबार में दंडवत होने का ढोंग किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बाहर जाकर मछली की दावत उड़ाई जा रही है. मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस का दोहरा चरित्र करार दिया.
वहीं कांग्रेस ने भी पूरे मामले को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाया है. अजय राय ने कहा कि अगर मेरी एक तस्वीर मछली खाते हुए सामने आए तो प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दूंगा और अगर बीजेपी को तस्वीर नहीं मिली तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दें. अजय राय यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि बीजेपी पूरी तरह से इस देश को बर्बाद करने का काम कर ही है. इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष आंध्र प्रदेश में मुर्गा खा रहे हैं, फोटो वायरल हो रहे हैं तो कह रहे कटहल खा रहे हैं. जबकि साउथ में आंध्र में कटहल तो खाया नहीं जाता, वह लोग उसे फल के रूप में खाते हैं. हम तो बाबा विश्वनाथ के भक्त हैं, मैं बाबा का चंदन भी लगाए हुए हूं.
बिना प्याज-लहसुन वाली मछली वेजः राजभर
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मछली को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर चर्चा तेज हो गई है. राजभर ने कहा कि अगर मछली में प्याज और लहसुन डाला गया है तो वह नॉन-वेज है, लेकिन बिना प्याज-लहसुन के बनाई गई मछली को वेज माना जा सकता है.
उनका यह बयान कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के हालिया मछली वाले बयान के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है. ओम प्रकाश राजभर ने संजय निषाद के बयान पर कहा कि वह जो कह रहे हैं, सही ही कह रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि मछली को प्याज-लहसुन डालकर बनाया गया था या उसके बिना.हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि मछली को शाकाहारी कैसे कहा जा सकता है, तो उन्होंने कहा कि संजय निषाद मछली के मामले में उनसे ज्यादा जानकारी रखते हैं, इसलिए उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी होगी. बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं के मछली खाने को लेकर भी राजभर ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों की परिस्थितियां अलग होती हैं. बंगाल में पूजा-पाठ के दौरान भी मछली खाने की परंपरा है, जबकि उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा कि अब बंगाल में बीजेपी की सरकार है और वहां का सिस्टम अलग है.


