भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक के नतीजों का ऐलान कर दिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि रेपो रेट में इस बार भी कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे 5.25% पर स्थिर रखा गया है। इसके साथ ही स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) 5% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) 5.50% पर बनी रहेगी। रेपो रेट में बदलाव नहीं होने से फ्लोटिंग रेट वाले होम और ऑटो लोन की EMI पर तत्काल कोई नया असर नहीं पड़ेगा। RBI ने मौजूदा नीतिगत रुख को भी न्यूट्रल बनाए रखा है। गवर्नर ने पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ी अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का भी उल्लेख किया।
RBI ने भारतीय अर्थव्यवस्था की बेहतर स्थिति का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.6% से बढ़ाकर 6.7% कर दिया है। पहली तिमाही में विकास दर 7% और दूसरी तिमाही में 6.4% रहने का अनुमान है। वहीं, खुदरा महंगाई के अनुमान को 5.1% से घटाकर 5% किया गया है। RBI के अनुसार पहली तिमाही में महंगाई 5.3%, दूसरी में 4.7%, तीसरी में 5.9% और चौथी तिमाही में 5.5% रह सकती है। इससे पहले 2025 में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी, जिसके बाद दर 5.25% के स्तर पर आई थी।



