नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। SEBI ने 30 जुलाई 2026 को को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों से जुड़े संशोधित सेटलमेंट प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी देने पर सहमति जताई है। प्रस्ताव के तहत कुल सेटलमेंट राशि 1,491.211 करोड़ रुपये है, जिसमें NSE को अतिरिक्त 714.74 करोड़ रुपये का नकद भुगतान करना होगा। एक्सचेंज पहले ही 776.47 करोड़ रुपये जमा कर चुका है, जिसे कुल सेटलमेंट राशि में समायोजित किया जाएगा। NSE के अनुसार, इस सेटलमेंट का वित्तीय प्रभाव 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में ही दर्ज किया जा चुका है और अतिरिक्त भुगतान से उसके सामान्य कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। इन मामलों का समाधान IPO की राह में लंबे समय से बनी प्रमुख नियामकीय अड़चनों को कम कर सकता है।
NSE की जून 2026 तिमाही में नेट प्रॉफिट 7% बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12% बढ़कर 4,560 करोड़ रुपये रहा। अब बाजार की नजर SEBI की ओर से IPO के DRHP पर मिलने वाले अंतिम ऑब्जर्वेशंस पर है। बाजार जानकारों के मुताबिक, अगस्त के मध्य तक प्रक्रिया में आगे बढ़ने की उम्मीद है और NSE सितंबर 2026 तक लिस्टिंग का लक्ष्य रख सकता है, हालांकि इसकी कोई अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रस्तावित IPO पूरी तरह OFS हो सकता है, जिसमें करीब 14.89 करोड़ शेयर शामिल होने की संभावना है और इससे लगभग 28,000-30,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने की चर्चा है। यदि यह योजना आकार लेती है, तो NSE IPO भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है। वहीं, SBI, Bank of Baroda, GIC Re और LIC समेत कुछ मौजूदा निवेशकों द्वारा हिस्सेदारी बेचने की संभावना पर भी बाजार की नजर है।




