नेपाल में धार्मिक झंडों और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कई जिलों तक फैल गया है। सुनसरी जिले से शुरू हुई झड़पें जनकपुर, सिराहा और सप्तरी तक पहुंच गईं, जिनमें अब तक तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सुनसरी, धनुषा, सिराहा और सप्तरी के प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लागू किया है तथा जनकपुर समेत संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। विवाद की शुरुआत धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान लाउडस्पीकर और झंडों को लेकर हुए विवाद से हुई थी, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस की कार्रवाई में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए। बाद में सिराहा में हुई हिंसा में एक किशोर की मौत हुई और सुनसरी में घायल एक अन्य व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हिंसा के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। मधेश प्रांत में हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी की गई है, जिनमें सिराहा के पांच और धनुषा के तीन लोग शामिल हैं। सीमावर्ती सरलाही जिले में नेपाल आने वाले लोगों के लिए पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है। इस बीच राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रधानमंत्री शाह ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। इसी बीच सिराहा के लहान में एक अज्ञात हमलावर ने पुलिस कांस्टेबल नारद परियार को गोली मार दी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।



