नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और CJP प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री आवास के निकट 7, लोक कल्याण मार्ग के पास धरने पर बैठ गए। इस विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं से करीब 20 मिनट तक बातचीत की। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दावा किया कि सरकार ने NEET सहित अन्य मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए सहमति दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद राहुल गांधी ने अपना रुख बदल लिया और नई मांगें सामने रखीं।

शाम के समय प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई। करीब साढ़े छह बजे पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराने की कार्रवाई शुरू की, जिसके दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान राहुल गांधी जमीन पर बैठकर विरोध जताते दिखाई दिए। उन्होंने कहा, "Democracy in India is happening right now." बाद में पुलिस और RAF के जवानों ने उन्हें उठाकर बस में बैठाया।

कार्रवाई के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जहां उनसे मिलने सोनिया गांधी भी पहुंचीं। वहीं राहुल गांधी को छत्रपाल स्टेडियम ले जाया गया। रात करीब सवा नौ बजे सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, गृहमंत्री द्वारा दोनों सदनों में बयान, पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा, छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से उठाना तथा प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच शामिल है।
बीजेपी का जवाब
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार विपक्ष की चर्चा संबंधी मांग मान चुकी थी, लेकिन कांग्रेस ने इसके बाद भी प्रदर्शन जारी रखा। वहीं भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन को सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।
PM आवास के पास प्रदर्शन क्यों प्रतिबंधित?
प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास लोक कल्याण मार्ग स्थित हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में आता है। सुरक्षा कारणों से इस इलाके के आसपास धरना, प्रदर्शन और भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं होती। यहां की सबसे अंदरूनी सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी के पास होती है, जबकि बाहरी सुरक्षा दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल संभालते हैं। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत इस क्षेत्र में निषेधात्मक आदेश लागू रहते हैं, जिनके उल्लंघन पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है।

