दिल्ली के कथित दवा खरीद घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल और डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया है। दोनों पर सरकारी अस्पतालों के लिए दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की खरीद में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। यह कार्रवाई मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी विजय कुमार रंगा से पूछताछ के बाद की गई, जो फिलहाल पुलिस रिमांड पर है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के माध्यम से पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेडशीट, एनेस्थीसिया उपकरण, ओआरएस और अन्य आवश्यक दवाइयों की खरीद बाजार मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि कुछ चुनिंदा सप्लायरों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों में कथित रूप से हेरफेर किया गया, जिससे कई योग्य कंपनियां प्रक्रिया से बाहर हो गईं और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा हुई।

डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस की रिपोर्ट के आधार पर 2 जून को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद डॉ. वत्सला अग्रवाल को उनके पद से हटाकर गुरु तेग बहादुर अस्पताल भेजा गया और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच में अनियमितताएं मिलने पर पांच फार्मासिस्ट और CPA के दो अधिकारियों को भी निलंबित किया गया था। ACB ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और खरीद प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, टेंडर रिकॉर्ड तथा अन्य अधिकारियों और निजी सप्लायरों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।


