दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार शहर का हीट इंडेक्स (Feels Like Temperature) 51.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस साल का सबसे अधिक स्तर है। इसका मतलब यह नहीं है कि वास्तविक तापमान 51 डिग्री था, बल्कि हवा में मौजूद अधिक नमी के कारण लोगों को गर्मी कहीं अधिक महसूस हुई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, नमी बढ़ने से शरीर का पसीना आसानी से नहीं सूखता, जिससे शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता और गर्मी का असर कई गुना बढ़ जाता है।
वैज्ञानिक इस स्थिति को वेट-बल्ब तापमान के जरिए मापते हैं। शनिवार को दिल्ली का वेट-बल्ब तापमान 29.77 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो चिंता का विषय माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि 32 डिग्री वेट-बल्ब तापमान पर स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी लंबे समय तक बाहर काम करना मुश्किल हो जाता है, जबकि 35 डिग्री पर शरीर की प्राकृतिक ठंडक प्रणाली लगभग काम करना बंद कर देती है। इस बार अरब सागर से आ रही नम हवाओं के कारण दिल्ली में सूखी गर्मी की बजाय उमस भरी गर्मी का असर देखने को मिल रहा है।

हालांकि राहत की उम्मीद भी है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार के बाद तापमान में गिरावट आएगी और सप्ताहभर बारिश, तेज हवाएं तथा गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अनुमान है कि सप्ताह के अंत तक रात का तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि 4 जुलाई के बाद दिल्ली में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। तब तक लोगों को धूप के साथ-साथ उमस से भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


