दिल्ली पुलिस ने राजधानी और आसपास के इलाकों में सक्रिय एक ई-रिक्शा चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही गिरोह में शामिल तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से ई-रिक्शा चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान महबूब खान उर्फ अभिषेक (42) के रूप में हुई है, जो द्वारका के गोयला डेयरी इलाके का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि वह नाबालिगों को चोरी के लिए इस्तेमाल करता था, जबकि खुद चोरी किए गए वाहनों को छिपाने और बेचने का काम संभालता था।
मामले की जांच तब शुरू हुई जब 4 जून को धर्मेंद्र कुमार नामक व्यक्ति की शिकायत पर ई-एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में बताया गया कि तीन युवकों ने सत्यापन के बहाने उसे गौशाला चलने को कहा और इसी दौरान उसका ई-रिक्शा चोरी कर लिया।

जांच के दौरान पुलिस ने 150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी निगरानी के जरिए तीन नाबालिग आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि महबूब खान उन्हें हर चोरी किए गए ई-रिक्शा के बदले 2500 रुपये देता था।
नाबालिगों की निशानदेही पर पुलिस ने महबूब खान को गिरफ्तार किया और गोयला डेयरी के पास एक खाली प्लॉट से चोरी किया गया ई-रिक्शा बरामद किया। आगे की पूछताछ में पुलिस ने अलग-अलग जगहों से 14 और चोरी के ई-रिक्शा भी बरामद किए।
पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई से वाहन चोरी के कई पुराने मामलों का भी खुलासा हुआ है। आरोपियों के खिलाफ चोरी, बच्चों को अपराध में शामिल करने और साझा आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क और कितना बड़ा है और चोरी के वाहनों की बिक्री कहां-कहां की जाती थी।


