दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महाशक्तियों के बीच गहराते अविश्वास के माहौल के बीच परमाणु हथियारों को लेकर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट सामने आई है। रक्षा और सुरक्षा मामलों पर नजर रखने वाली प्रतिष्ठित संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने अपनी वार्षिक ‘SIPRI Yearbook 2026’ जारी की है, जिसमें वैश्विक परमाणु हथियारों की स्थिति और देशों की रणनीतिक क्षमताओं का विस्तृत आकलन किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार भारत ने अपने परमाणु शस्त्रागार में बढ़ोतरी करते हुए वर्ष 2025 के 180 वॉरहेड्स से बढ़ाकर 2026 में 190 वॉरहेड्स कर लिया है। इस वृद्धि के साथ भारत दक्षिण एशिया में रणनीतिक रूप से पाकिस्तान से आगे निकल गया है। पाकिस्तान का परमाणु भंडार इस अवधि में 170 वॉरहेड्स पर स्थिर बना हुआ है।

SIPRI का मानना है कि भारत और पाकिस्तान दोनों अपने परमाणु हथियारों और मिसाइल प्रणालियों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं, लेकिन संख्या और क्षमता दोनों के मामले में भारत ने स्पष्ट बढ़त बनाई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत और चीन जैसे देश अब शांतिकाल में भी सीमित संख्या में परमाणु वॉरहेड्स को मिसाइलों पर तैनात रखने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो उनकी परिचालन तैयारी में महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है।
वैश्विक स्तर पर जनवरी 2026 तक दुनिया में कुल 12,187 परमाणु वॉरहेड्स मौजूद थे। यह संख्या वर्ष 2025 के 12,241 वॉरहेड्स की तुलना में थोड़ी कम है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट वास्तविक निरस्त्रीकरण का संकेत नहीं है। अधिकांश देश पुराने हथियारों को हटाने की गति धीमी कर रहे हैं और नई तथा अधिक उन्नत परमाणु प्रणालियों को तेजी से शामिल कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में लगभग 9,745 परमाणु वॉरहेड्स सैन्य उपयोग के लिए तैयार स्थिति में हैं। इनमें से करीब 4,012 वॉरहेड्स मिसाइलों और लड़ाकू विमानों पर सक्रिय रूप से तैनात किए जा चुके हैं। वहीं लगभग 2,100 से 2,200 वॉरहेड्स हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रखे गए हैं, जिन्हें कुछ ही मिनटों के भीतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
परमाणु हथियारों के मामले में रूस अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शक्ति संपन्न देश है, जिसके पास 5,420 वॉरहेड्स हैं। अमेरिका 5,042 वॉरहेड्स के साथ दूसरे स्थान पर है। चीन का परमाणु भंडार बढ़कर 620 वॉरहेड्स तक पहुंच गया है। फ्रांस ने भी अपने भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे 370 वॉरहेड्स तक पहुंचाया है। ब्रिटेन के पास 225, इजरायल के पास अनुमानित 90 और उत्तर कोरिया के पास लगभग 60 वॉरहेड्स हैं।
SIPRI के निदेशक करीम हग्गाग ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर परमाणु हथियारों पर बढ़ती निर्भरता वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। हथियार नियंत्रण समझौतों के कमजोर होने, नई सैन्य तकनीकों के विकास और महाशक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने दुनिया को एक संवेदनशील और जोखिमपूर्ण मोड़ पर ला खड़ा किया है।

रिपोर्ट यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में परमाणु हथियारों की संख्या भले ही सीमित रहे, लेकिन उनकी मारक क्षमता, तैनाती और रणनीतिक उपयोग की संभावनाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक गंभीर होती जा रही हैं।


