केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़े प्रशासनिक बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने नए चेयरमैन और सचिव की नियुक्ति की है। सरकार ने लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरमैन नियुक्त किया है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी वरुण भारद्वाज को बोर्ड का नया सचिव बनाया गया है।

यह फैसला हाल के महीनों में परीक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन प्रक्रिया और डिजिटल मार्किंग सिस्टम को लेकर उठे सवालों के बीच लिया गया है। छात्रों और अभिभावकों द्वारा लगातार शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करने का निर्णय लिया।

लोखंडे प्रशांत सीताराम वर्तमान में गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वे AGMUT कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं और उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई की है। प्रशासनिक और नीति निर्माण के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें CBSE की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, वरुण भारद्वाज को बोर्ड का नया सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले सचिव पद पर कार्यरत हिमांशु गुप्ता को उनके मूल कैडर में वापस भेजने का निर्णय लिया गया है। पूर्व चेयरमैन राहुल सिंह को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार का यह कदम ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठी चिंताओं के बाद आया है। छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी समस्याओं, परिणाम सत्यापन, पुनर्मूल्यांकन में देरी और अन्य प्रशासनिक चुनौतियों को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराई थीं।

इसी के साथ केंद्र सरकार ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से जुड़ी सेवाओं की खरीद और संचालन की समीक्षा के लिए एक सदस्यीय जांच समिति का गठन भी किया है। इस समिति की अध्यक्षता कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान करेंगी।

समिति को OSM प्रणाली से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि नए नेतृत्व के सामने छात्रों का विश्वास मजबूत करना, मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर बनाना और डिजिटल प्रणालियों में सुधार लाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
