हाल ही में हुई हल्की बारिश ने एक बार फिर द्वारका क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था की खराब स्थिति को उजागर कर दिया है। मॉनसून शुरू होने से पहले ही कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जिससे स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है।
सेक्टर-23 स्थित ओमैक्स मॉल के सामने मामूली बारिश के बाद ही सड़क पर पानी जमा हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों और जल निकासी चैनलों की नियमित सफाई न होने के कारण वे थोड़ी सी बारिश का पानी भी निकालने में सक्षम नहीं हैं।

स्थानीय निवासी सुभाष यादव ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है, जबकि मॉनसून आने में अभी कुछ सप्ताह का समय बाकी है। उन्होंने कहा, “यदि इतनी हल्की बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो रही हैं, तो भारी मॉनसूनी वर्षा के दौरान हालात कितने गंभीर होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।”
निवासियों के अनुसार, द्वारका के कई इलाकों में नालियां और वर्षा जल निकासी चैनल लंबे समय से साफ नहीं किए गए हैं, जबकि इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं। प्री-मॉनसून सफाई और गाद निकालने (डीसिल्टिंग) का कार्य समय पर नहीं होने के कारण सड़कों पर पानी भरने की समस्या लगातार बनी हुई है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाओं और मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने नागरिक एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष मॉनसून से पहले जलभराव रोकने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही वही समस्याएं फिर सामने आ जाती हैं।

नागरिकों ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD) और लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि मॉनसून आने से पहले पूरे द्वारका क्षेत्र में नालियों और जल निकासी चैनलों की व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए।
सुभाष यादव ने कहा, “आज की गई रोकथाम संबंधी कार्रवाई कल की बड़ी परेशानियों से बचा सकती है। अधिकारियों को सुनिश्चित करना चाहिए कि बारिश शुरू होने से पहले सभी ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से कार्यशील हों।”


