हाल ही में विवेक विहार में हुई भीषण आग की घटना के बाद, जिसमें नौ लोगों (एक मासूम बच्चे सहित) की जान चली गई, दिल्ली के द्वारका के निवासियों और विशेषज्ञों ने आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
विवेक विहार की दुखद घटना का सबक
विवेक विहार की चार मंजिला इमारत में सुबह करीब 3:45 बजे लगी आग ने सुरक्षा की बड़ी खामियों को उजागर किया है। जांच के अनुसार, AC ब्लास्ट या खराब वायरिंग आग का मुख्य कारण हो सकती है। लेकिन स्थिति तब और भी भयावह हो गई जब:
सीढ़ियां संकरी थीं और उन पर सामान रखा था।
छत के दरवाजे लॉक थे, जिससे लोग ऊपर नहीं जा सके।
खिड़कियों और बालकनियों में लगी लोहे की ग्रिल ने लोगों को अंदर ही फंसा दिया।
प्रमुख नागरिकों और विशेषज्ञों के विचार

1. गोमती मट्टू (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, ADRF):

उन्होंने कहा कि केवल जांच और मुआवजे से काम नहीं चलेगा। जमीनी स्तर पर ठोस निवारक उपायों की आवश्यकता है। सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है।
2. रूचि सोलंकी (महासचिव, CGHS द्वारका):
उन्होंने निवासियों को सलाह दी कि वे बिजली के सॉकेट पर बोझ न डालें, नियमित रूप से वायरिंग की जांच करें और घरों में फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) व स्मोक डिटेक्टर लगवाएं।
3. महेश टॉक (संस्थापक सचिव, हर्ष अपार्टमेंट्स):
इन्होंने बताया कि द्वारका की कई सोसायटियों में बिजली के कनेक्शन सीढ़ियों के नीचे हैं और पार्किंग इतनी भीड़भाड़ वाली है कि फायर टेंडर (दमकल की गाड़ियां) का अंदर आना मुश्किल हो जाता है।
4. अमन शर्मा (अध्यक्ष, हनुमान एन्क्लेव):
इनका कहना है कि सोसायटियों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों को केवल औपचारिकता के लिए नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनका उचित रखरखाव करना चाहिए और निवासियों को उन्हें चलाने का प्रशिक्षण देना चाहिए।

5. संध्या सिंह (अध्यक्ष, दुर्गा सप्तशती फाउंडेशन):
इन्होंने आधुनिक AC में इस्तेमाल होने वाली गैसों (R32 और R290) के खतरे के बारे में सचेत किया। उन्होंने कहा कि समय पर सर्विसिंग और कॉइल्स की सफाई न होने से ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है।
6. महेश चौहान (अध्यक्ष, वंदे मातरम अपार्टमेंट्स):
उन्होंने सुझाव दिया कि निवासियों को केवल AC ही नहीं, बल्कि घर की पूरी वायरिंग और स्विचबोर्ड की भी समय-समय पर किसी पेशेवर इलेक्ट्रीशियन से जांच करवानी चाहिए।
सुरक्षा के लिए मुख्य सुझाव:
निकास द्वार: सीढ़ियों और छत के दरवाजों को कभी भी लॉक न रखें।
उपकरणों की जांच: पुराने एयर कंडीशनर और खराब हो चुकी बिजली की तारों को तुरंत बदलें।
मॉक ड्रिल: RWAs को नियमित रूप से फायर ड्रिल और सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने चाहिए।
ग्रिल सुरक्षा: बालकनी की ग्रिल में आपातकालीन निकास का प्रावधान होना चाहिए।
निष्कर्ष: विवेक विहार और पालम जैसी त्रासदियां हमें चेतावनी दे रही हैं। "सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है," और समय रहते उठाए गए कदम ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।