द्वारका में बढ़ती पार्किंग समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि कई इलाकों में चुनिंदा वाहनों को ही टो किया जा रहा है, जबकि अन्य अवैध रूप से खड़े वाहन लंबे समय तक बिना कार्रवाई के सड़कों पर बने रहते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि द्वारका के कई सेक्टरों में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालकों को मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगातार टोइंग अभियान चलाए जा रहे हैं, खासकर सेक्टर-6 मार्केट और आसपास के इलाकों में।
निवासियों ने आरोप लगाया कि कई बार वाहन कुछ ही मिनटों के लिए खड़े किए जाते हैं, लेकिन तुरंत क्रेन पहुंचकर उन्हें उठा लेती है। लोगों का कहना है कि इससे आम नागरिकों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि दोपहिया वाहनों को क्रेन में लापरवाही से रखा जाता है, जिससे वाहनों को नुकसान पहुंचता है। सोशल मीडिया और स्थानीय व्हाट्सएप समूहों में ऐसे कई वीडियो और तस्वीरें भी साझा की जा रही हैं, जिनमें एक ही क्रेन में कई मोटरसाइकिलों को एक साथ ले जाया जाता दिखाई दे रहा है।

स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने प्रशासन से पूरे द्वारका क्षेत्र में पारदर्शी और समान पार्किंग नीति लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएं, उसके बाद सख्त टोइंग अभियान चलाए जाएं।

लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि कई जगहों पर बसें और अन्य वाहन लंबे समय तक सड़कों पर खड़े रहते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। निवासियों ने ट्रैफिक पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई और बेहतर पार्किंग प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है।