पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (टीएमसी) ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए Calcutta High Court का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने पुलिस ऑब्जर्वर परमार पुरुषोत्तम दास के खिलाफ याचिका दायर कर गंभीर आरोप लगाए हैं।

टीएमसी का आरोप है कि पुलिस ऑब्जर्वर ने मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से Bharatiya Janata Party (भाजपा) के उम्मीदवार गौर घोष के साथ अनौपचारिक मुलाकात की। पार्टी का कहना है कि चुनाव के दौरान किसी भी अधिकारी का किसी उम्मीदवार से इस तरह मिलना निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।

याचिका में टीएमसी ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रहे। पार्टी का मानना है कि ऐसी घटनाएं मतदाताओं के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी असर डालती हैं।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में चुनावी गतिविधियां अपने चरम पर हैं और सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने में जुटे हुए हैं। ऐसे में इस तरह के आरोपों ने चुनावी माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवालों का समाधान हो पाएगा।