प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम Mann Ki Baat के 133वें एपिसोड में भारत के डेयरी सेक्टर और खासकर भारतीय चीज की बढ़ती वैश्विक पहचान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत का पारंपरिक स्वाद अब दुनिया की थाली तक पहुंच रहा है और यह “लोकल से ग्लोबल” बनने का शानदार उदाहरण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में खान-पान सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परंपरा, संस्कृति और विविधता का प्रतीक है। भारतीय चीज भी इसी परंपरा का हिस्सा है, जो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि ब्राजील में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय चीज प्रतियोगिता में भारत के दो ब्रांड्स को सम्मान मिला, जिससे देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है।

देश के अलग-अलग हिस्सों का खास स्वाद

पीएम मोदी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले खास चीज का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर का “कालारी चीज”, जिसे “मोजरेला ऑफ कश्मीर” भी कहा जाता है, लंबे समय से स्थानीय समुदायों द्वारा तैयार किया जाता रहा है। वहीं सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में बनने वाला “छुर्पी” याक के दूध से तैयार होता है, जो अपनी अलग पहचान रखता है।
इसके अलावा महाराष्ट्र और गुजरात का “टोपली नू पनीर” या “सुरती चीज” भी अपनी विशिष्टता के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहा है।
डेयरी सेक्टर में तेजी से बदलाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का डेयरी सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है। नई तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन के चलते पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार में जगह मिल रही है। आज कई भारतीय कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश कर रही हैं, जिससे निर्यात के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
‘लोकल टू ग्लोबल’ का उदाहरण
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारतीय चीज यह दिखाता है कि कैसे स्थानीय उत्पाद सही रणनीति और गुणवत्ता के साथ वैश्विक पहचान बना सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत का स्वाद और परंपरा दुनिया के और ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारतीय चीज केवल एक खाद्य उत्पाद नहीं है, बल्कि यह देश की संस्कृति, मेहनत और विविधता का प्रतीक है, जो अब वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।