Nepal में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री Balen Shah की सरकार ने एक 5 सदस्यीय न्यायिक पैनल गठित किया है, जो साल 2006 से 2025-26 तक सार्वजनिक पदों पर रहे नेताओं और अधिकारियों की संपत्ति की जांच करेगा।

इस जांच के दायरे में देश के बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हैं। पूर्व प्रधानमंत्री Pushpa Kamal Dahal, KP Sharma Oli, Sher Bahadur Deuba समेत कुल 7 पूर्व पीएम जांच के घेरे में हैं।

सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि पूर्व राजा Gyanendra Shah, पूर्व राष्ट्रपति Bidya Devi Bhandari और मौजूदा राष्ट्रपति Ramchandra Paudel भी इस जांच का हिस्सा होंगे।

100 से ज्यादा मंत्री और अधिकारी भी जांच में
यह जांच सिर्फ शीर्ष नेताओं तक सीमित नहीं है। इसमें 100 से ज्यादा मंत्री, संवैधानिक पदाधिकारी और वरिष्ठ नौकरशाह भी शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि यह जांच उन नेताओं तक भी पहुंचेगी, जो अब जीवित नहीं हैं—उनके परिवारों और संपत्ति की भी पड़ताल की जाएगी।
2006 के बाद की पूरी राजनीति जांच के घेरे में
यह कार्रवाई 2006 के जनआंदोलन के बाद के पूरे राजनीतिक दौर को कवर करती है, जब नेपाल में राजशाही खत्म होकर लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू हुई थी। अब तक भ्रष्टाचार के मामलों की जांच अक्सर सीमित दायरे में होती थी, लेकिन इस बार सत्ता और विपक्ष दोनों एक साथ जांच के घेरे में हैं।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अगुवाई
इस आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज Rajendra Kumar Bhandari कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और सबूतों के आधार पर होगी।
क्यों खास है यह कार्रवाई?
पहली बार सत्ता, विपक्ष और पूर्व राजा—all under probe
युवाओं के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद बड़ा फैसला
बड़े राजनीतिक खुलासों की संभावना
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह जांच नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है और आने वाले समय में कई बड़े नेताओं पर कार्रवाई भी हो सकती है।