हाल ही में हुए एक शोध में सामने आया है कि मधुमेह यानी Diabetes Mellitus से पीड़ित मरीजों के लिए दांतों की सेहत बेहद महत्वपूर्ण है। दांतों का संक्रमण न सिर्फ मुंह तक सीमित रहता है, बल्कि यह शरीर के ब्लड शुगर लेवल को भी प्रभावित कर सकता है।

रोहतक स्थित Post Graduate Institute of Dental Sciences (PGIDS) में किए गए अध्ययन में पाया गया कि दांतों की जड़ में होने वाला संक्रमण, जिसे Apical Periodontitis कहा जाता है, टाइप-2 डायबिटीज मरीजों में शुगर लेवल बढ़ाने का कारण बन सकता है।

क्या कहता है शोध?

इस रिसर्च का नेतृत्व डॉ. संजय तिवारी और उनकी टीम ने किया। अध्ययन के मुताबिक—
दांतों की जड़ का संक्रमण शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ाता है
इससे इंसुलिन का असर कम हो सकता है
नतीजतन, ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है
यानी, अगर डायबिटीज मरीज दांतों के इन्फेक्शन को नजरअंदाज करते हैं, तो उनकी बीमारी और गंभीर हो सकती है।
क्यों खतरनाक है यह कनेक्शन?
डॉक्टरों के अनुसार, मुंह में होने वाला संक्रमण सीधे शरीर के इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है। इससे शरीर में सूजन बढ़ती है, जो डायबिटीज मरीजों के लिए पहले से ही एक बड़ी समस्या होती है।
किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?
दांत में लगातार दर्द
मसूड़ों में सूजन या खून आना
ठंडा-गर्म लगना
मुंह से बदबू आना
चबाने में परेशानी
ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करना जरूरी है।
क्या करें डायबिटीज मरीज?
नियमित रूप से दांतों की जांच कराएं
दिन में दो बार ब्रश करें और फ्लॉसिंग करें
शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें
किसी भी दांत दर्द या संक्रमण को हल्के में न लें
निष्कर्ष
यह अध्ययन साफ करता है कि डायबिटीज मरीजों के लिए दांतों की सेहत सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ी है। समय पर इलाज और सही देखभाल से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।