दिल्ली के भारत नगर इलाके में हत्या के एक मामले को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर दो पुलिस इंस्पेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले में नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली की डीसीपी आकांक्षा यादव ने दोनों अधिकारियों को लाइन हाजिर कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच (डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी) भी शुरू कर दी गई है।

सोशल मीडिया वीडियो के बाद हुई कार्रवाई

डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक पुलिस अधिकारी द्वारा यह बयान दिया गया था कि कुछ अपराधियों को राजनीतिक दबाव के कारण छोड़ा जाता है।

डीसीपी के अनुसार, पब्लिक से बातचीत के दौरान इंस्पेक्टर राजीव, जो उस समय अशोक विहार के एटीओ के रूप में भारत नगर थाने का कार्यभार देख रहे थे, ने कुछ गैर-जिम्मेदाराना और तथ्यहीन टिप्पणियां की थीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बयान दिल्ली पुलिस की आधिकारिक स्थिति को नहीं दर्शाता।
12 मार्च को मिली थी झगड़े की सूचना
डीसीपी के मुताबिक 12 मार्च को के-ब्लॉक, जेजे कॉलोनी वजीरपुर से झगड़े की PCR कॉल मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि मोहन लाल और वीरेंद्र घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।
जांच में सामने आया कि राघव उर्फ अलीगढ़िया उर्फ रोमियो उर्फ अक्षय कुमार, अभिषेक उर्फ बधीरा और अर्जुन ने बारात के दौरान ई-रिक्शा के रास्ता रोकने को लेकर हुए विवाद में दोनों पर हमला किया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमें जुटी हुई हैं।
क्या होता है लाइन हाजिर?
पुलिस विभाग में लाइन हाजिर करना एक अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है। इसमें किसी पुलिसकर्मी को ड्यूटी में लापरवाही या अनुचित आचरण के कारण थाने से हटाकर पुलिस लाइन में रिपोर्ट करने का आदेश दिया जाता है।
हालांकि यह निलंबन नहीं होता, इसमें न तो पद कम होता है और न ही वेतन कटता है, लेकिन संबंधित अधिकारी फील्ड ड्यूटी नहीं कर सकता और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में रहता है।