भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी। वेस्टइंडीज ने शानदार रन चेज करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भारत की बल्लेबाजी शुरुआत से मजबूत रही और टीम ने नियमित रूप से रन बनाए। 50 ओवर के बाद स्कोरबोर्ड पर 351 रन देखकर भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी। आमतौर पर इतना बड़ा स्कोर विपक्षी टीम पर भारी दबाव बनाता है, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाज अलग इरादे के साथ मैदान पर उतरे।

कैरेबियाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को हावी होने का मौका नहीं दिया। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद रन गति को बनाए रखा गया। मध्यक्रम ने पारी संभाली और अंतिम ओवरों तक मैच को वेस्टइंडीज की पहुंच में रखा।
मुकाबले में जोएल जॉनसन की पारी अहम साबित हुई। उन्होंने 57 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर रन चेज को मजबूती दी। वेस्टइंडीज ने दबाव के क्षणों में भी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और लक्ष्य हासिल कर लिया।

भारत के लिए यह हार इसलिए ज्यादा निराशाजनक रही क्योंकि 351 रन बनाने के बाद टीम का पलड़ा काफी भारी माना जा रहा था। यह मुकाबला एक बार फिर साबित कर गया कि आधुनिक वनडे क्रिकेट में बड़ा स्कोर भी जीत की गारंटी नहीं है।




