भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। 36 वर्षीय चहल अब रेड-बॉल घरेलू क्रिकेट में नजर नहीं आएंगे, हालांकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका सफर जारी रहेगा।
चहल लंबे समय से भारतीय क्रिकेट में अपनी लेग स्पिन और विकेट लेने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी सबसे बड़ी पहचान वनडे और टी20 क्रिकेट से बनी। IPL में भी वह लगातार प्रभावी गेंदबाजों में शामिल रहे हैं।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का मतलब यह नहीं है कि चहल ने सभी प्रारूपों से क्रिकेट छोड़ दिया है। वह सफेद गेंद के मुकाबलों और उपलब्ध घरेलू तथा फ्रेंचाइजी टूर्नामेंटों में खेलना जारी रख सकते हैं।
अखबार की रिपोर्ट में उनके फर्स्ट क्लास करियर के आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया है। रेड-बॉल क्रिकेट में सीमित अवसर मिलने के बावजूद चहल ने कई मौकों पर अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया।
हाल के वर्षों में कई अनुभवी क्रिकेटर अपने करियर को लंबा करने के लिए किसी एक प्रारूप से दूरी बनाते रहे हैं। इससे खिलाड़ी फिटनेस और कार्यभार को बेहतर तरीके से संभाल पाते हैं।
चहल का फैसला भी इसी दिशा में देखा जा रहा है। अब उनका पूरा ध्यान सीमित ओवर क्रिकेट पर रहने की संभावना है। प्रशंसकों के लिए अच्छी बात यह है कि चहल ने क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा नहीं कहा है और उनकी फिरकी अभी मैदान पर देखने को मिलेगी।







