चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के MISA रिकॉर्ड को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। DMK सांसद ए. राजा ने इस मुद्दे पर एक मंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर भ्रम पैदा नहीं किया जाना चाहिए।
विवाद का संबंध आपातकाल के दौर और Maintenance of Internal Security Act (MISA) के तहत स्टालिन की गिरफ्तारी से जुड़े दावों से है। स्टालिन लंबे समय से अपने राजनीतिक जीवन में आपातकाल के दौरान जेल जाने का उल्लेख करते रहे हैं। अब इससे जुड़े रिकॉर्ड और राजनीतिक बयानों को लेकर तमिलनाडु में बहस तेज हो गई है।
ए. राजा ने कहा कि इस मामले में तथ्य स्पष्ट होने चाहिए और पार्टी के इतिहास से जुड़े विषयों पर जिम्मेदारी के साथ बयान दिया जाना चाहिए। उनके बयान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि DMK में स्टालिन के आपातकाल के दौर के संघर्ष को उनकी राजनीतिक यात्रा का अहम हिस्सा माना जाता है।
विपक्ष पहले भी स्टालिन और DMK के नेताओं के विभिन्न ऐतिहासिक दावों पर सवाल उठाता रहा है। अब पार्टी के भीतर से आए बयान ने इस बहस को और दिलचस्प बना दिया है।
यह विवाद फिलहाल किसी बड़े नीतिगत मुद्दे से ज्यादा राजनीतिक विरासत और ऐतिहासिक रिकॉर्ड की विश्वसनीयता की लड़ाई बनता दिखाई दे रहा है।




