दलीप ट्रॉफी 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन ने नॉर्थ जोन को 7 विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बना ली। बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ग्राउंड नंबर-2 पर खेले गए इस मुकाबले में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली पारी में नाबाद शतक लगाने के बाद दूसरी पारी में भी नाबाद अर्धशतक जड़कर टीम को जीत तक पहुंचाया।
तिलक वर्मा ने पहली पारी में 116 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि लक्ष्य का पीछा करते हुए दूसरी पारी में 51 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अब साउथ जोन का सामना दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन से होगा। खिताबी मुकाबला 6 सितंबर को चेन्नई में खेला जाना है।
मुकाबले में नॉर्थ जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 195 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल ने टीम की ओर से सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 76 रन बनाए। साउथ जोन की ओर से विद्वत कवेरप्पा ने शानदार गेंदबाजी की और चार विकेट अपने नाम किए।
इसके जवाब में साउथ जोन ने बल्लेबाजी में दम दिखाया। टीम ने अपनी पहली पारी में 312 रन बनाए और नॉर्थ जोन पर 117 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। इस पारी की सबसे बड़ी खासियत तिलक वर्मा की नाबाद 116 रन की पारी रही। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
दूसरी पारी में नॉर्थ जोन ने मुकाबले में वापसी करने की कोशिश की। चौथे दिन टीम ने 256/7 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। सनत सांगवान ने 76 और आयुष ने 52 रन की उपयोगी पारियां खेलीं, जबकि निचले क्रम में अंशुल कंबोज ने 36 रन बनाकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया।
नॉर्थ जोन की दूसरी पारी 297 रन पर समाप्त हुई। पहली पारी में 117 रन की बढ़त के कारण साउथ जोन के सामने जीत के लिए 181 रन का लक्ष्य आया। साउथ जोन की गेंदबाजी में एमडी निधीश सबसे प्रभावी रहे। उन्होंने 56 रन देकर पांच विकेट हासिल किए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ जोन को रिकी भुई और एन जगदीशन ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 64 रन जोड़े। इसके बाद गुरनूर बरार ने रिकी भुई को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। भुई ने 42 रन बनाए।

साउथ जोन का स्कोर 65 रन तक पहुंचा ही था कि शेख रशीद भी आबिद मुश्ताक की गेंद पर बोल्ड हो गए। लगातार दो विकेट गिरने से टीम पर दबाव बनने की स्थिति जरूर बनी, लेकिन एन जगदीशन ने कप्तान तिलक वर्मा के साथ मिलकर पारी को संभाल लिया।

जगदीशन ने 43 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, लेकिन 102 रन के स्कोर पर उनका विकेट गिर गया। इसके बाद तिलक वर्मा को रविचंद्रन स्मरण का साथ मिला। दोनों ने बिना कोई और विकेट गंवाए टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।
तिलक ने दूसरी पारी में नाबाद 51 रन बनाए, जबकि रविचंद्रन स्मरण 42 गेंदों पर 32 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों के बीच 80 रन की नाबाद साझेदारी हुई। साउथ जोन ने 181 रन का लक्ष्य तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया और 7 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इस जीत के साथ साउथ जोन अब दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में पहुंच गया है। चेन्नई में 6 सितंबर को होने वाले खिताबी मुकाबले में टीम का सामना ईशान किशन की कप्तानी वाले ईस्ट जोन से होगा।
फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी नजरें रहेंगी, जबकि साउथ जोन की उम्मीदें कप्तान तिलक वर्मा से होंगी। सेमीफाइनल की दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी कर चुके तिलक अब फाइनल में भी बड़ी पारी खेलकर अपनी टीम को दलीप ट्रॉफी का खिताब दिलाने की कोशिश करेंगे।

