ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने 1 अगस्त को शानदार प्रदर्शन किया। महिला वर्ग में प्रीति पवार ने 54 किग्रा, जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किग्रा, साक्षी चौधरी ने 51 किग्रा, प्रिया घनघस ने 60 किग्रा और अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। प्रीति ने फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर गोल्ड जीता, जबकि प्रिया ने कनाडा की मैरी-बाथोल अल-अहमदियेह को मात दी। पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने भी स्वर्ण पदक जीते। वहीं, 55 किग्रा वर्ग में जादुमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के झाई डिक्सन के हाथों हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय महिला मुक्केबाजों की इस सफलता ने ग्लासगो में भारत के अभियान को खास बना दिया है। प्रीति पवार ने 2023 एशियाई खेलों में कांस्य और 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप तथा एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने के बाद एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जैस्मिन लंबोरिया ने भी 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य के बाद लगातार खुद को मजबूत किया और 2025 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीत चुकी हैं। उनके अलावा साक्षी, प्रिया और अरुंधति की जीत ने भारतीय महिला बॉक्सिंग की ताकत को सामने रखा। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय मुक्केबाजों ने इस संस्करण में रिकॉर्ड स्तर की सफलता हासिल की है।




