दिल्ली सरकार की आरोग्य कोष योजना के नियमों के कारण AIIMS के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (NCI), झज्जर में इलाज करा रहे कई आर्थिक रूप से कमजोर दिल्ली निवासी मरीजों को पांच लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता नहीं मिल पा रही है। सरकार का तर्क है कि यह संस्थान हरियाणा में स्थित है, इसलिए योजना का लाभ वहां उपचार करा रहे मरीजों पर लागू नहीं होता, जबकि NCI, AIIMS नई दिल्ली का ही हिस्सा है।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि महंगे कैंसर उपचार और इंजेक्शनों का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं है। कई मामलों में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से सहायता मिलने के बावजूद दिल्ली आरोग्य कोष से आवेदन खारिज होने के कारण इलाज प्रभावित हुआ है। डॉक्टरों और कैंसर विशेषज्ञों का भी मानना है कि केवल संस्थान की भौगोलिक स्थिति के आधार पर सहायता से वंचित करना गंभीर मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से नियमों की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मरीज दिल्ली का निवासी है और AIIMS से संबद्ध राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में इलाज करा रहा है, तो उसे भी आरोग्य कोष का लाभ मिलना चाहिए, ताकि आर्थिक अभाव के कारण किसी मरीज का इलाज बाधित न हो।




