फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने फ्रांस के स्टार फुटबॉलर कीलियन एम्बाप्पे के खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि फुटबॉल में नस्लवाद और किसी भी प्रकार के भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पराग्वे की एक सीनेटर द्वारा सोशल मीडिया पर एम्बाप्पे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिसके बाद इसकी व्यापक आलोचना हुई।
फीफा ने सभी खिलाड़ियों के सम्मान, समानता और गरिमा की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। एम्बाप्पे ने भी इन टिप्पणियों को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए नाराजगी जताई। वहीं, फ्रेंच फुटबॉल महासंघ (FFF) ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की है और फ्रांस के कई नेताओं ने भी खिलाड़ी के समर्थन में बयान दिए हैं।
पराग्वे सरकार ने भी विवादित टिप्पणी से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया कि यह देश के मूल्यों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करती। सरकार ने कहा कि नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां आपसी सम्मान और मानव गरिमा के सिद्धांतों के विरुद्ध हैं। इस घटना ने खेल जगत में नस्लवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को एक बार फिर तेज कर दिया है।




