होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस से भरे जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के बाद भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर लागू किए गए अधिकांश आपातकालीन प्रतिबंध वापस ले लिए हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और समुद्री मार्ग के फिर से खुलने के बाद यह फैसला लिया गया है। सरकार अब घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस और आयातित एलएनजी का वितरण संशोधित प्राथमिकता व्यवस्था के तहत करेगी।
युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट बाधित होने से भारत समेत कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई थी। स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आपात नियम लागू करते हुए पेट्रोकेमिकल इकाइयों और बिजली संयंत्रों की गैस आपूर्ति सीमित कर दी थी। साथ ही रिफाइनरियों की गैस खपत घटाने और कुछ ईंधनों की आपूर्ति पर भी अस्थायी पाबंदियां लगाई गई थीं, जिन्हें अब वापस लिया जा रहा है।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भविष्य में ईंधन कीमतों को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी संभावित कटौती पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि तेल कंपनियों के मौजूदा भंडार पहले की ऊंची कीमतों पर खरीदे गए हैं, इसलिए बाजार की स्थिति स्थिर रहने के बाद ही आगे कोई फैसला संभव होगा।



