29 जून से शुरू हो रहे विम्बलडन 2026 में एक बार फिर सभी की नजरें सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच पर होंगी। पुरुष एकल स्पर्धा में उतर रहे जोकोविच इस बार भी खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन उनका सफर आसान नहीं दिख रहा।

शुरुआती मुकाबला अपेक्षाकृत आसान
टूर्नामेंट के पहले दौर में उनका सामना चीन के वू यिबिंग से होगा, जिसे कागजों पर अपेक्षाकृत आसान मुकाबला माना जा रहा है। हालांकि आगे का ड्रॉ बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।
कठिन ड्रॉ में छिपी बड़ी चुनौतियां

दूसरे दौर में उनका सामना ग्रीस के स्टेफानोस सितसिपास से हो सकता है, जो किसी भी बड़े मुकाबले में उलटफेर करने की क्षमता रखते हैं। तीसरे दौर में ब्राजील के उभरते खिलाड़ी जोआओ फोंसेका के साथ भिड़ंत की संभावना है।
क्वार्टर फाइनल में जोकोविच की टक्कर फेलिक्स ऑगर-अलियासिम जैसे मजबूत खिलाड़ी से हो सकती है, जिससे उनकी राह और कठिन हो जाएगी।

युवा सितारों से सबसे बड़ा खतरा
इस बार स्पेन के कार्लोस अल्कारेज की गैरमौजूदगी से भले ही एक बड़ी बाधा हट गई हो, लेकिन टेनिस की नई पीढ़ी अभी भी जोकोविच के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी जैनिक सिनर और जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव इस टूर्नामेंट में सबसे खतरनाक प्रतिद्वंद्वी माने जा रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों का हालिया फॉर्म और बड़े मैचों में प्रदर्शन उन्हें खिताब के मजबूत दावेदार बनाता है।
इतिहास रचने का मौका
38 वर्षीय नोवाक जोकोविच टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं। अब तक वह 24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके हैं और मार्गरेट कोर्ट की बराबरी पर हैं। इस बार उनके पास 25वां ग्रैंड स्लैम जीतकर इतिहास में अकेले शीर्ष स्थान पर पहुंचने का मौका है।
नई पीढ़ी बनाम दिग्गज
विम्बलडन 2026 का यह संस्करण अनुभव और युवा ऊर्जा के टकराव के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ जोकोविच इतिहास रचने की कोशिश करेंगे, तो दूसरी तरफ नई पीढ़ी के खिलाड़ी उन्हें रोकने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।

आने वाले दो हफ्तों में हर मैच रोमांच से भरपूर रहने की उम्मीद है, जहां एक छोटी सी चूक भी बड़े सपने को खत्म कर सकती है।