बिहार की राजधानी पटना में जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय परिषद की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में Nitish Kumar को एक बार फिर सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई।
बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2025 का जनादेश बिहार के विकास और प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भले ही वह राज्यसभा में चले गए हों, लेकिन बिहार के विकास को लेकर उनका मार्गदर्शन पहले की तरह जारी रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को पहले से बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना होगा।

नीतीश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि अब जेडीयू केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पार्टी को दूसरे राज्यों में भी मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन विस्तार के लिए जरूरत पड़ने पर वह स्वयं बिहार के बाहर जाकर भी पार्टी के लिए काम करेंगे।
इसी के साथ रविवार को जेडीयू की राज्य परिषद की बैठक भी हुई, जिसमें संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिए कि जेडीयू अब नई पीढ़ी के नेतृत्व को भी आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

इस दौरान बिहार के मंत्री Sunil Kumar ने जानकारी दी कि बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके तहत Umesh Singh Kushwaha को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर भी सहमति दी गई। कुशवाहा इस वर्ष मार्च में लगातार तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष चुने गए थे।

बैठक की सबसे बड़ी चर्चा संभावित उत्तराधिकारी Nishant Kumar को लेकर रही। पार्टी ने साफ संकेत दिया कि निशांत कुमार को भविष्य के नेतृत्व के तौर पर तैयार किया जा रहा है। वरिष्ठ नेताओं ने माना कि वह पहले से पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं और उन्हें आगे बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला जेडीयू के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा संकेत हो सकता है। आने वाले समय में निशांत कुमार की भूमिका और अधिक मजबूत होती दिखाई दे सकती है।

