अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच शांति समझौते को लेकर बड़ी प्रगति की खबरें सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक प्रारंभिक समझौता तैयार हो चुका है और जल्द इस पर औपचारिक हस्ताक्षर हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि यह डील पश्चिम एशिया में स्थिरता लाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस समझौते का सबसे अहम बिंदु ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण है। ट्रंप का कहना है कि यह डील सुनिश्चित करेगी कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। हालांकि ईरान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर समझौते की पूरी शर्तों की पुष्टि नहीं की है।
इस संभावित समझौते का सीधा असर होर्मुज स्ट्रेट पर पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि डील के बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है और दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल व्यापार के लिए अहम माना जाता है। इसके खुलने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में राहत मिल सकती है।
पिछले कुछ दिनों में इस समुद्री क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ा है। अमेरिकी और ईरानी सैन्य गतिविधियों के बीच कई व्यापारिक जहाज प्रभावित हुए हैं, जिनमें भारतीय क्रू वाले जहाज भी शामिल रहे। इससे भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफल होता है, तो इससे न सिर्फ क्षेत्रीय युद्धविराम मजबूत होगा बल्कि वैश्विक तेल कीमतों में भी नरमी देखने को मिल सकती है। साथ ही भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को भी आर्थिक राहत मिल सकती है।

हालांकि समझौते की अंतिम शर्तें और हस्ताक्षर की औपचारिक तारीख को लेकर अभी कुछ अस्पष्टता बनी हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हस्ताक्षर में देरी हो सकती है, जबकि ट्रंप इसे जल्द पूरा होने वाला बता रहे हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस डील पर टिकी हुई है।


