प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विभिन्न स्तरों पर उपलब्धियों और बदलावों को लेकर चर्चा हो रही है। इस दौरान सरकार की ओर से जनकल्याण, सुशासन, डिजिटल बदलाव और बुनियादी ढांचे के विकास को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों को देश के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण दौर बताया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में सरकारी योजनाओं के लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए तकनीक और पारदर्शिता का व्यापक उपयोग किया गया है। जनधन खाते, आधार और मोबाइल आधारित व्यवस्था ने लाभार्थियों तक सरकारी सहायता की पहुंच को आसान बनाया है।
सरकार का दावा है कि पिछले एक दशक में करोड़ों लोगों को आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वच्छता, बिजली, पेयजल और रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिला है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं।

इस अवधि में भारत ने डिजिटल भुगतान, स्टार्टअप इकोसिस्टम, आधारभूत संरचना और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), जीएसटी, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) जैसी पहलों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है।

महिला सशक्तिकरण को भी इस दौर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया जा रहा है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए गए हैं। सरकार का जोर महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया के नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने पर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में अपने 12 वर्ष के कार्यकाल को देश की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की बात कही है। सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास, आत्मनिर्भरता, आधुनिक बुनियादी ढांचे और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हालांकि, सरकार की उपलब्धियों को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी है। जहां समर्थक इसे परिवर्तन और विकास का दौर बताते हैं, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार के प्रदर्शन और नीतियों को लेकर सवाल उठाता रहा है।
इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी का 12 वर्षीय कार्यकाल भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और प्रभावशाली दौरों में से एक माना जा रहा है। हाल ही में उन्होंने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है।

