भारतीय मूल के अमेरिकी तकनीकी विशेषज्ञ Sriram Krishnan ने व्हाइट हाउस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति सलाहकार के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि वह जून 2026 के अंत तक अपना पद छोड़ देंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में कृष्णन ने कहा कि व्हाइट हाउस में काम करना उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अनुभवों में से एक रहा है। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया।
चेन्नई से व्हाइट हाउस तक का सफर
श्रीराम कृष्णन का जन्म Chennai में हुआ था। उन्होंने SRM University से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 2007 में अमेरिका चले गए। बाद में उन्होंने Microsoft, Yahoo, Meta, X और Snap जैसी प्रमुख टेक कंपनियों में काम किया।
वर्ष 2016 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की। उनकी पत्नी Aarthi Ramamurthy भी भारतीय मूल की हैं।
AI नीति निर्माण में निभाई अहम भूमिका

कृष्णन ट्रंप प्रशासन की उस पहल का हिस्सा रहे हैं, जिसका उद्देश्य अमेरिका में AI विकास और उसके नियमन के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा तैयार करना था। उन्होंने ऊर्जा अवसंरचना, डेटा सेंटर, AI सुरक्षा और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों में उन्हें AI से जुड़े उन बड़े बदलावों को करीब से देखने का अवसर मिला, जो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के भविष्य को प्रभावित करेंगे।

ट्रंप की तारीफ की

कृष्णन ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में अमेरिका AI क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बना हुआ है।
उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ काम करना सम्मान की बात रही और AI के क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त बनाए रखने में उनके नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
आगे क्या करेंगे?
कृष्णन ने संकेत दिया है कि पद छोड़ने के बाद वह कुछ समय का ब्रेक लेंगे। इसके बाद वह अमेरिका के सामने मौजूद AI से जुड़ी बड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए नए संस्थानों और पहलों पर काम कर सकते हैं।
हालांकि उन्होंने अभी अपने अगले प्रोजेक्ट या संगठन का खुलासा नहीं किया है, लेकिन कहा है कि इसकी जानकारी वह जल्द साझा करेंगे।

