दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में रविवार सुबह बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने करीब 150 मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। अभियान के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और बड़ी संख्या में पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई उस सड़क के विस्तार के लिए की जा रही है जो आउटर रिंग रोड को आजादपुर मंडी क्षेत्र से जोड़ती है। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ी होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर व आजादपुर मंडी के बीच आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को पहले ही मकान खाली करने का नोटिस जारी किया था। नोटिस में 30 मई तक परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद रविवार सुबह बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई। कई परिवार पहले ही अपना सामान निकाल चुके थे, जबकि कुछ घरों में अब भी सामान मौजूद बताया गया।
ध्वस्तीकरण अभियान से पहले शनिवार रात से ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। रविवार तड़के से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे।
स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था। मामला दिल्ली हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन प्रभावित लोगों को कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन ने तय योजना के अनुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

अभियान के दौरान इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि स्थिति नियंत्रण में बताई गई। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वर्षों से बसे उनके घर टूट रहे हैं, जबकि प्रशासन का पक्ष है कि यह कदम सार्वजनिक सुविधा और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए उठाया जा रहा है। फिलहाल इलाके में ध्वस्तीकरण और निगरानी का काम जारी है।


