नीट-UG 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की सुनवाई स्पेशल जज रुचि अग्रवाल असरानी की अदालत में हुई, जहां सीबीआई ने आरोपी को जेल भेजने की मांग की थी। अदालत ने जांच की गंभीरता को देखते हुए एजेंसी की मांग स्वीकार कर ली।
सीबीआई का आरोप है कि शुभम खैरनार और अन्य आरोपी परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश में शामिल थे। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई अहम तथ्य सामने आने बाकी हैं।
सीबीआई ने यह भी कहा कि आरोपियों को हिरासत में रखना जरूरी है ताकि वे सबूतों से छेड़छाड़ न कर सकें और गवाहों को प्रभावित न करें। एजेंसी के मुताबिक डिजिटल डिवाइस, कॉल रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई अहम सबूतों की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि पेपर लीक नेटवर्क के तार देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हो सकते हैं। इसके लिए आरोपियों से कई राज्यों में ले जाकर पूछताछ की जा रही है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि परीक्षा से पहले किन उम्मीदवारों तक प्रश्नपत्र पहुंचाए गए थे।

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हाल ही में पुणे की एक फिजिक्स लेक्चरर को भी गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया था।



