दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नई “मेड इन इंडिया” तकनीकों का ट्रायल शुरू किया है। सरकार की ओर से शहर के अलग-अलग इलाकों में एडवांस्ड एयर क्लीनिंग डिवाइस लगाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों को कम करना है।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में कई नई तकनीकों और उपकरणों का परीक्षण किया जा रहा है। इनमें एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम, एंटी-स्मॉग डिवाइस, डस्ट कंट्रोल यूनिट और वाहन आधारित प्रदूषण नियंत्रण तकनीकें शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन तकनीकों के जरिए प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने इन तकनीकों का निरीक्षण भी किया। सरकार का फोकस ऐसे स्वदेशी समाधानों पर है जो लंबे समय तक प्रदूषण नियंत्रण में प्रभावी साबित हो सकें। इसके साथ ही दिल्ली के प्रदूषण हॉटस्पॉट इलाकों में विशेष निगरानी और सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन तकनीकों के परिणाम सकारात्मक रहे, तो आने वाले समय में इन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि नई तकनीकों से दिल्ली की हवा को साफ करने और लोगों को बेहतर वातावरण देने में मदद मिलेगी।


