केतु के मघा नक्षत्र में गोचर को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि 29 मई 2026 से शुरू होने वाला यह गोचर अगले लगभग 32 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जिसका असर सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मघा नक्षत्र में केतु का प्रवेश कुछ राशियों के लिए मानसिक दबाव, निर्णय लेने में भ्रम और कार्यक्षेत्र में बाधाओं जैसी स्थितियां पैदा कर सकता है। खासकर तीन राशियों के लिए यह समय अधिक सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। इस अवधि में जल्दबाजी में निर्णय लेने से नुकसान की संभावना जताई जा रही है।

इस दौरान करियर और व्यवसाय से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। वित्तीय लेन-देन में भी सोच-समझकर कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई है, क्योंकि गलत फैसले नुकसान का कारण बन सकते हैं। रिश्तों में भी अनावश्यक तनाव से बचने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि ज्योतिष विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह समय आत्ममंथन और सुधार का अवसर भी दे सकता है। नियमित पूजा-पाठ, ध्यान और संयमित जीवनशैली अपनाने से नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कुल मिलाकर यह गोचर कुछ लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही सावधानी और संतुलित निर्णयों के साथ इसके प्रभाव को नियंत्रित किया जा सकता है।

