महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर विवाद भड़क गया है। शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ के एक ऑडियो क्लिप ने सियासी माहौल गरमा दिया है। आरोप है कि उन्होंने 38 साल पुरानी किताब के प्रकाशक को जान से मारने और जीभ काटने की धमकी दी है।

क्या है पूरा मामला

विवाद की जड़ है एक किताब – 'शिवाजी कोण होता', जिसे वामपंथी नेता और लेखक गोविंद पानसरे ने 1988 में लिखा था।

इस किताब में छत्रपति शिवाजी महाराज को एक धर्मनिरपेक्ष और जनता के राजा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
आरोप है कि विधायक संजय गायकवाड़ ने इस किताब को लेकर कोल्हापुर के प्रकाशक को फोन किया और करीब 9 मिनट तक धमकी और गालियां दीं। यह ऑडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विधायक ने क्या कहा
संजय गायकवाड़ ने सामने आकर यह स्वीकार किया कि वायरल ऑडियो में आवाज उनकी ही है।
हालांकि, उन्होंने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि प्रकाशक ने पहले अपशब्द कहे और किताब शिवाजी महाराज का अपमान करती है।
उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसी किताबों को नष्ट कर देना चाहिए और “ऐसे लोगों की जीभ काट देनी चाहिए।”
सियासत में घमासान
इस बयान के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस ने इसे “खुली गुंडागर्दी” बताया और मुख्यमंत्री से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, भाजपा के कुछ नेताओं ने भी गायकवाड़ को सलाह दी है कि पुराने विवादों को हवा न दें।
क्यों खास है यह किताब
यह किताब कोई नई नहीं, बल्कि 38 साल पुरानी है
अब तक इसके 75 से ज्यादा संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं
लाखों प्रतियां बिक चुकी हैं
मराठी साहित्य में इसे एक महत्वपूर्ण किताब माना जाता है
फिर भी अचानक इस किताब को लेकर विवाद खड़ा होना कई सवाल खड़े करता है।
पहले भी विवादों में रहे गायकवाड़
संजय गायकवाड़ का विवादों से पुराना नाता रहा है।
पहले भी उन्होंने नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए
“जीभ काटने” पर इनाम देने की घोषणा कर चुके हैं
एक कर्मचारी को थप्पड़ मारने का मामला भी सामने आया
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ एक बयान का नहीं, बल्कि राजनीति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन का भी सवाल बन गया है।
38 साल पुरानी किताब पर अचानक उठा विवाद यह दिखाता है कि आज भी इतिहास और विचारधाराएं किस तरह सियासी तूफान खड़ा कर सकती हैं।