बजट सत्र के तीसरे दिन संसद में तीखी बहस, अमित शाह भी दे सकते हैं जवाब

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन Lok Sabha में स्पीकर Om Birla के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जोरदार बहस हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्पीकर ने सदन के संचालन में पक्षपात किया है।

यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammad Jawed ने पेश किया था, जिसे 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिला। पीठासीन अधिकारी Jagdambika Pal ने प्रस्ताव को पेश करने की अनुमति दी और बहस के लिए लगभग 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया।

राहुल गांधी का आरोप
लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने बहस के दौरान कहा कि संसद पूरे देश की आवाज़ है, लेकिन विपक्ष को बार-बार बोलने से रोका जाता है।
राहुल गांधी ने कहा,
“यह सदन भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। कई बार मेरा नाम लिया गया और मेरे बारे में बातें कही गईं, लेकिन जब हम बोलने के लिए खड़े होते हैं तो हमें रोक दिया जाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार जब उन्होंने बोलने की कोशिश की थी, तब उन्होंने प्रधानमंत्री के कुछ समझौतों को लेकर बुनियादी सवाल उठाए थे।
रविशंकर प्रसाद का जवाब
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता Ravi Shankar Prasad ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को किसी नेता या समूह के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए “हथियार” नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने संसद के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी कई घटनाएं हुई हैं, जैसे सांसदों को रिश्वत लेकर सवाल पूछने के मामले में निष्कासित किया गया था।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता K. C. Venugopal ने बहस के दौरान कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण नहीं बल्कि सदन में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लाया गया है।
उन्होंने कहा कि स्पीकर को पक्षपात से बचना चाहिए और यही वजह है कि विपक्ष ने यह कदम उठाया है।
राज्यसभा में LPG संकट पर चर्चा की मांग
इस बीच Rajya Sabha में सीपीआई सांसद P. Sandosh Kumar ने स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने देशभर में एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी और कीमतों में बढ़ोतरी पर चर्चा की मांग की।
सांसद ने कहा कि सरकार को संसद को बताना चाहिए कि LPG भंडार की स्थिति क्या है और सप्लाई को बिना रुकावट बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
अमित शाह दे सकते हैं जवाब
सूत्रों के अनुसार बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah भी सदन को संबोधित कर सकते हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे सकती है।