दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में आरोपी शरजील इमाम की उस याचिका पर तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है, जिसमें जेल में पेन ड्राइव में मौजूद पीएचडी शोध सामग्री को कंप्यूटर के जरिए इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई है। इमाम के वकील ने अदालत को बताया कि वह जनवरी 2020 से हिरासत में हैं और गिरफ्तारी के समय पीएचडी के अंतिम वर्ष में थे। उनकी शोध रूपरेखा UGC और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से स्वीकृत है।

याचिका में कहा गया कि पेन ड्राइव में करीब 2,132 फाइलें हैं, जिनमें शोध लेख, किताबें और ऐतिहासिक अभिलेखों के स्क्रीनशॉट शामिल हैं। वकील ने सुझाव दिया कि सामग्री को बिना इंटरनेट और वाई-फाई वाले कंप्यूटर में स्थानांतरित कर जेल अधिकारियों की निगरानी में इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है। दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया कि अभियोजन पक्ष को ऐसी व्यवस्था पर आपत्ति नहीं है, जबकि आपत्ति जेल प्रशासन की ओर से आई थी। हाईकोर्ट ने तिहाड़ प्रशासन से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को तय की है।






