पाकिस्तानी क्रिकेट के दो बड़े नाम इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान जांच के दायरे में आ गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र ने खिलाड़ियों से संबंधित मामलों में जांच तेज कर दी है और इसमें फोन रिकॉर्ड से लेकर वित्तीय लेन-देन तक की पड़ताल की जा रही है।
मामला क्रिकेट में भ्रष्टाचार और संदिग्ध संपर्कों की आशंका से जुड़ा बताया जा रहा है। क्रिकेट बोर्ड और एंटी-करप्शन अधिकारियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि खिलाड़ियों या उनसे जुड़े लोगों के संपर्क में कोई संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं रहा और किसी तरह का अनुचित वित्तीय लेन-देन हुआ या नहीं।
आधुनिक क्रिकेट में एंटी-करप्शन जांच केवल मैदान पर होने वाली गतिविधियों तक सीमित नहीं रहती। अधिकारियों द्वारा जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों के संपर्क, संदिग्ध संदेश, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है।
इमाम और रिजवान पाकिस्तान के प्रमुख क्रिकेटरों में शामिल हैं। ऐसे में दोनों के नाम से जुड़ी किसी भी जांच की खबर स्वाभाविक रूप से क्रिकेट जगत में बड़ी चर्चा बन गई है।
हालांकि यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच होना और किसी खिलाड़ी का दोषी साबित होना दो अलग बातें हैं। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पाकिस्तान क्रिकेट पहले भी मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग जैसे विवादों का सामना कर चुका है। इसी कारण PCB का एंटी-करप्शन सिस्टम खिलाड़ियों के संदिग्ध संपर्कों और गतिविधियों को लेकर काफी सतर्क रहता है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच में क्या सामने आता है और क्या बोर्ड की ओर से दोनों खिलाड़ियों को लेकर कोई औपचारिक कार्रवाई या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है।



