बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। दासपारा इलाके के एक बंद मकान से रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता, 23 वर्षीय बेटी आगमी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम के शव बरामद हुए। शुरुआती जांच में पुलिस ने गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। मामले में पुलिस ने दो चचेरे भाइयों मुग्धो और सिद्धार्थ को हिरासत में लिया है। पूछताछ में दोनों के कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पड़ोसी इमारत के रास्ते घर की छत तक पहुंचे थे, जहां गणपति ने उन्हें देख लिया था। इसके बाद कथित तौर पर पहचान उजागर होने के डर से परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी गई।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी तुरंत घर से बाहर नहीं निकले, बल्कि करीब 6 से 7 घंटे तक वहीं मौजूद रहे। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर नशीला पदार्थ लिया, घर में खाना खाया, फ्रिज से खीरा और खजूर खाए तथा नहाने के बाद वहां से फरार हुए। जांच टीम को घर से खजूर की गुठलियां, खीरे से जुड़े साक्ष्य और कुछ चूड़ियां मिली हैं, जिन्हें कथित तौर पर जलाने की कोशिश की गई थी। परिजनों के मुताबिक परिवार करीब चार साल से इस इलाके में रह रहा था और गणपति पिछले साल स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस को फिलहाल परिवार की किसी से पुरानी दुश्मनी या विवाद की जानकारी नहीं मिली है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।



