देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। असम, जम्मू-कश्मीर और नगालैंड में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचाई है। अब तक इन तीनों राज्यों में कुल 97 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग बाढ़ और बारिश से प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, पुलों को नुकसान पहुंचा है और बिजली व संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। कई गांवों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट गया है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं, हालांकि जलभराव और मलबे के कारण कई स्थानों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
असम में बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान
असम में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। राज्य में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 6.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर बढ़ने से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।
शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन जिलों के 939 गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। हजारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। इसके अलावा 24 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न होने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से कई जानें गईं
जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने हालात गंभीर कर दिए हैं। सबसे बड़ा हादसा 20 जुलाई को पुंछ जिले में हुआ, जहां भूस्खलन के बाद एक कच्चा मकान मलबे में दब गया। इस दुर्घटना में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे।

राज्य में अब तक 27 लोगों की जान जा चुकी है। पुंछ और राजौरी जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, सड़कें टूट गई हैं और बिजली तथा संचार सेवाएं भी बाधित हुई हैं।
लगातार दूसरे दिन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहने से कश्मीर घाटी का देश के अन्य हिस्सों से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। इससे लोगों की आवाजाही के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
नगालैंड में भी राहत कार्य जारी
नगालैंड में भी लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। इन हादसों में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। कई प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण नए भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सक्रिय मॉनसून और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने तक लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।