भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी दोनों ही कमजोरी के साथ खुले। एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख के बावजूद पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,755 अंकों के मुकाबले गिरकर 76,515 पर खुला। शुरुआती मिनटों में बिकवाली तेज होने से यह 76,344 अंक तक लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी भी पिछले बंद 23,996 अंकों से फिसलकर 23,904 पर खुला और कुछ ही देर में 23,876 अंक के स्तर तक पहुंच गया।
लार्जकैप और मिडकैप शेयरों में बिकवाली
शुरुआती कारोबार में बीएसई के लार्जकैप इंडेक्स के 30 में से 24 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और बजाज फाइनेंस जैसे प्रमुख शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई।
मिडकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। हिंदुस्तान पेट्रोलियम, जीएमआर एयरपोर्ट, फीनिक्स लिमिटेड और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर करीब 2 प्रतिशत तक टूट गए।
क्यों दबाव में है बाजार?

विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार पर सबसे बड़ा असर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ रही बयानबाजी से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ा दी हैं।
इन घटनाओं का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हो गई है। बढ़ती तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है।



