राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर के प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। ट्रस्ट ने बताया कि नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का चयन अभी नहीं हो सका है और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।
पांच संत संभालेंगे प्रशासनिक जिम्मेदारी
नए CEO की नियुक्ति तक मंदिर के संचालन और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी पांच संतों को सौंपी गई है। ट्रस्ट ने गोविंद गिरी की अध्यक्षता में एक धार्मिक समिति का गठन किया है, जो इस अवधि में मंदिर के कार्यों की निगरानी करेगी।

समिति में स्वामी रामानंद दास, महंत राजकुमार दास, स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ, स्वामी कमलनयन दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी दिनेंद्रदास को सदस्य बनाया गया है।
चढ़ावा चोरी मामले की जांच पर हुई समीक्षा
बैठक में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। ट्रस्ट ने कहा कि चढ़ावे की गणना में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में अंतिम निर्णय एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा। साथ ही, इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी संज्ञान लिया गया।

CCTV निगरानी व्यवस्था पर जताया संतोष
ट्रस्ट ने मंदिर परिसर, विशेषकर चढ़ावा गणना कक्ष में स्थापित सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। बताया गया कि सुरक्षा अधिकारियों को सभी कैमरों की लाइव निगरानी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सोना-चांदी की जांच की मौजूदा व्यवस्था रहेगी जारी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी की मात्रा तथा शुद्धता की जांच के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की टकसाल (मिंट) के साथ वर्तमान व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
SBI की भूमिका पर जताई नाराजगी

चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ओर से कथित लापरवाही पर ट्रस्ट के सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की। बैठक में संबंधित व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि भविष्य में चढ़ावे के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

