राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और भवन नियमों की अनदेखी के खिलाफ नगर निगम (MCD) ने बड़े स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। पिछले दो हफ्तों में निगम ने शहरभर में कई इमारतों पर कार्रवाई करते हुए 217 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया है, जबकि 237 संपत्तियों को सील किया गया है। इसे हाल के समय में एमसीडी की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
यह सख्त कदम मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उठाया गया, जिसने राजधानी में भवन सुरक्षा और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले भवन मालिकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया।

एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। केवल सोमवार को ही 14 अवैध इमारतों को गिराया गया और 25 अन्य संपत्तियों को सील किया गया। निगम का कहना है कि यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज होगी।

पिछले 15 दिनों के भीतर 330 से अधिक संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 151 सीलिंग नोटिस और 91 डिमोलिशन ऑर्डर भी जारी किए जा चुके हैं। यह संकेत है कि आने वाले समय में और बड़ी संख्या में निर्माणों पर कार्रवाई हो सकती है।
राजस्व विभाग ने भी इस दौरान 700 से ज्यादा जगहों का निरीक्षण किया है, जहां फायर सेफ्टी, अवैध व्यावसायिक इस्तेमाल और निर्माण नियमों के उल्लंघन की जांच की गई। सबसे ज्यादा कार्रवाई दक्षिणी, मध्य और पश्चिमी दिल्ली के इलाकों में देखने को मिली।
एमसीडी का कहना है कि इस अभियान का मकसद केवल अवैध निर्माण हटाना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना भी है। अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन इमारतों में नियमों की अनदेखी मिलेगी, वहां बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई जारी रहेगी।

इस कार्रवाई के बाद दिल्ली के कई इलाकों में भवन मालिकों और कारोबारियों में हलचल तेज हो गई है। प्रशासन अब साफ संदेश दे रहा है कि नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है।

